यह विद्यालय ग्रामीण अंचल में होने के कारण यहां पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शहर जैसे विद्यालयों के वातावरण की अनुभूति कराने का संपूर्ण श्रेय प्रधानाचार्या को ही जाता है । विद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ साथ सनातन धर्म एवम योग की शिक्षा प्रदान करने का भी श्रेय प्रधानाचार्या जी को ही जाता है। वास्तव में प्रधानाचार्या जी के सख़्त मिजाज़ ने विद्यार्थियों को एक अनुशासित छात्र के रूप में विकसित किया है।
प्रधानाचार्या जी के कार्यों एवम उद्देश्यों को वास्तिवकता का रूप प्रदान करने का कार्य हमारे विद्यालय के समर्पित एवम कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों द्वारा ही संभव हो सका है। शिक्षकों के समर्पित एवम कर्तव्यनिष्ठा के गुणों की छाप छात्रों पर भी पड़ती है जिसके फल स्वरूप विधालय के छात्र भी समर्पित एवम कर्तव्यनिष्ठ बनते हैं। मुझे राष्ट्र निर्माण में सहायक ऐसे शिक्षकों पर गर्व है ।
विधार्थियों का समग्र विकास घर एवम विद्यालय में होता है, जिस विद्यालय के शिक्षक एवम शिक्षिकाएँ इतने कर्तव्यनिष्ठ एवम संपर्पित हों तो ऐसे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र एवम छात्राओं का समग्र विकास होना निश्चित है। विद्यालय के अनुशासित एवम उत्तम वातावरण के कारण विद्यालय ने एक ओर जहां देश को अनुशासित एवम समर्पित सैनिक दिए हैं तो वहीं दूसरी ओर राष्ट्र निर्माण में सहायक अच्छे अध्यापक, कुशल व्यवसायी एवम देश को आत्मनिर्भरता के पथ पर आगे बढ़ाने वाले कुशल तकनीकज्ञ एवम अभियंता दिए हैं ।